स्योहारा से संजय शर्मा की रिपोर्ट✍️

स्योहारा:-
श्रावण मास में थाना क्षेत्र में कांवड़ यात्रा आरंभ हो चुकी है। शिवरात्रि पर्व में क्षेत्र भर में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को पटरी पर रखने की चुनौती पुलिस-प्रशासन के सामने है। हरिद्वार से कावड़ियों के लौटने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसके मद्देनजर कुछ अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाने में दिलचस्पी दिखाई है। जिसमें तेज-तर्रार, ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी सब-इंस्पेक्टर वसीम अकरम भी उन चुनिंदा अधिकारियों में से एक है, जो किसी भी दायित्व को भली-भांति निभाने से कभी पीछे नहीं हटते है। शांति एवं कानून व्यवस्था तथा शिवभक्त कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए उन्होंने खुद को मानो समर्पित कर दिया है। व्यवस्था का जायजा लेने वह कब निकल जाए, इसका कोई समय निर्धारित नहीं है। दिन हो या रात इससे भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका असल मकसद कांवड़ यात्रा को सुचारू एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना, कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अराजक तत्वों को दिन-रात पुलिस की मौजूदगी का अहसास कराना है। जनपद बिजनौर के थाना स्योहारा में कस्बा प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे सब-इंस्पेक्टर वसीम अकरम का नाम और काम खूब बोलते हैं। उन्हें अपनी जिम्मेदारी का पूरा एहसास हमेशा रहता है। काम के प्रति खुद को पूरी तरह समर्पित कर वह पुलिस विभाग को अच्छे परिणाम देने में अक्सर कामयाब रहते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान भी वसीम अकरम शांति एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। रात्रि में जब शिवभक्त कांवड़िए थक-हारकर सो जाते हैं तो उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सब-इंस्पेक्टर वसीम अकरम पैदल गश्त पर निकल पड़ते हैं। इस दौरान वह यह भी देखते हैं कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी कितने मुस्तैद हैं। रात्रि में उन्हें पैदल गश्त करते देख पुलिसकर्मी भी मुस्तैदी बरतने में कोई कमी नहीं छोड़ते। पुलिस फोर्स भी कांवड़ यात्रा मार्ग पर गश्त कर असामाजिक तत्वों पर नजर रख रही है। रात्रि में गश्त के समय सब-इंस्पेक्टर वसीम अकरम मातहतों की पीठ थपथपा ने के साथ-साथ उन्हें सतर्क रहने के निर्देश देते हैं। काबिल पुलिस अधिकारी वसीम अकरम के काम करने का जुदा अंदाज आज भी मुरादाबाद के लोग भूले नहीं है। केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना के विरोध में मुरादाबाद में भी जगा-जगा युवाओं ने प्रदर्शन किए थे। ऐसे में शांति एवं कानून व्यवस्था को लेकर खतरा उत्पन्न हो गया था। विषम परिस्थितियों से निपटने की काबिलियत रखने वाले वसीम अकरम ने उस दौरान आक्रोशित युवाओं को जिस तरीके से शांत कराया था, उसकी चर्चा लखनऊ तक में होती है। उन्होंने युवाओं का ज्ञानवर्द्धन कर उनसे हिंसा पर उतारू ना होने की अपील की थी। उन्होंने कानून व्यवस्था को हाथ में लेने पर युवाओं को भविष्य में होने वाली परेशानी से भी अवगत कराया था। सब-इंस्पेक्टर वसीम अकरम की बातों से प्रभावित होकर आंदोलनकारी युवाओं को अपने पांव पीछे खींचने पड़े थे।

Published by 24 न्यूज इन इंडिया

वेब पोर्टल चैनल इन चीफ विनोद शर्मा

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